आज दर पर गया था तेरे कोई मुराद नही थी
गर कभी हुई तो क्या पूरा कर पाओगे,
माना कि कई खामियां है मुझ में
मगर क्या पूरा कर पाओगे,
कई गलतियां हुई होगी अभीतक के जीवन के सफर में
मगर क्या कभी क्षमा कर पाओगे,
???
गर कभी हुई तो क्या पूरा कर पाओगे,
माना कि कई खामियां है मुझ में
मगर क्या पूरा कर पाओगे,
कई गलतियां हुई होगी अभीतक के जीवन के सफर में
मगर क्या कभी क्षमा कर पाओगे,
???
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें