सुना है,
वो बहुत खूबसूरत है, संगमरमर जैसी तराशी गयी है उसपर नक्काशी...
अगर मैं ये कहूँ की वो नायाब तोहफा मैं हु तो?
चल झूठी.....
और फिर उसने अपने बदन पर लगे चोट दिखाए...
अब वो आज भी स्तब्ध है,
और उसे उसी तरह चाहने लगा.. पवित्र गंगा की तरह निर्मल और स्वच्छ भाव से ।
वो बहुत खूबसूरत है, संगमरमर जैसी तराशी गयी है उसपर नक्काशी...
अगर मैं ये कहूँ की वो नायाब तोहफा मैं हु तो?
चल झूठी.....
और फिर उसने अपने बदन पर लगे चोट दिखाए...
अब वो आज भी स्तब्ध है,
और उसे उसी तरह चाहने लगा.. पवित्र गंगा की तरह निर्मल और स्वच्छ भाव से ।
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