तेरी आँचल की छांव में पला हूँ मैं
टूटकर बिखरा नही हूँ मैं
मज़बूत रहूँगा तेरी ही तरह
क्योंकि तेरा ही वजूद हूँ मैं
- मिन्टू
टूटकर बिखरा नही हूँ मैं
मज़बूत रहूँगा तेरी ही तरह
क्योंकि तेरा ही वजूद हूँ मैं
- मिन्टू
दिखाई दिए भी तो ऐसे जैसे चांद हो गए, चले भी गए तो ऐसे जैसे मरीचिका हो गए।
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