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जाने के बाद

तुम्हारे जाने के बाद
मैं तो हर रोज़ बनता बिगड़ता गया
खिलता गया, मुरझाता गया
टूटता गया, बिखरता गया
तुम्हारे जाने के बाद
मैं तो हर रोज़ बनता बिगड़ता गया
मगर न आजतक बन पाया न बिगड़ पाया
और
देखो न
आज भी उसी राह पर खड़ा हूँ...
बनने और बिगड़ने के लिए।।।।

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