धरती के रंग में रंग गए जो ,
वो सिंह, सुख और राज थे ।
तीनो ने जो कर दिखाया
लाज बचाई माँ की,
हँसी खुशी फांसी चढ़ गए जो
वो धरती के लाल थे ।
रंग गए जो भक्ति के रंग में
सिंह , सुख और राज थे।
वो सिंह, सुख और राज थे ।
तीनो ने जो कर दिखाया
लाज बचाई माँ की,
हँसी खुशी फांसी चढ़ गए जो
वो धरती के लाल थे ।
रंग गए जो भक्ति के रंग में
सिंह , सुख और राज थे।
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