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ज़िन्दगी एक सच्चाई

कल तक जो सुनाया करते थे ज़िन्दगी का सफ़रनामा
वो आज सफर में हो गए,
कल तक जिसे चाहा था सबसे ज्यादा
वो आज नदारत हो गए,
कल तक जो मुस्कुराते थे मेरी बातों से
वो आज मुस्कान छोड़ गए,
समझता था जिन्हें अजीज
वो आज मतलबी हो गए,
शायद ये ज़िन्दगी का सफर का
सफ़रनामा ही तो है
जो सीखा गए सत्य कथन
शायद ये बात समझ आये देर से तुम्हे
और यही
सच्चाई भी है
समझ रहे हो न तुम

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