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ये मुस्कान देख रहे हो

ये मुस्कान देख रहे हो 
कितनी प्यारी है
है न
लेकिन ये मुस्कान ही प्यारी है 
बाकी दर्द बहुत है इसके पीछे
क्या तुम्हें दिख रहा है वो दर्द ?

ये आंखे देख रहे हो 
कितनी सुंदर है
है न
लेकिन ये आंखे ही सुंदर है
बाकी आंखों के पीछे छूपे है आंसू 
क्या तुम्हें दिख रहा है वो दर्द ?

कितना कुछ बदल जाता है ज़िन्दगी में
जब छायादार वृक्ष न हो तो
है न
न कोई सुनने वाला, न कोई समझने वाला
बस थोप दिए जाते है ज़िन्दगी में कुछ काम,
कुछ हिस्से 
जिसके हक़दार हो भी और न भी

पता नही ज़िन्दगी मेरी क्या रंग लाएगी
न जाने कहाँ ले जाएगी,
किस मोड़ पर लोग पूछेंगे
और न जाने किस मोड़ पर ठुकराएँगे

दर्द है ,
देखो कौन-कौन साथ है
और कौन-कौन नही

वक़्त, सब्र
सब सफल हो रहे
असफल हो रहा तो बस अकेला ये मन
चंचल मन
जो कभी रहा ही नही बस में
हमेशा किया अलग ही
और जो भी किया 
वो गलत ही रहा
और ये गलत अक्सर गुजर जाने के बाद ही पता चला
तब तक बहुत देर हो चुकी होती है ।
©मिंटू/@tumharashahar

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