शब्द जो बन चुके है अब किसी के निशान ले चलो मुझे वहां जहां के दीवारों पर अंकित है मेरा नाम दिखाओ मुझे वो जगह जहां पर गाढ़ रखा था तुमने पौधा जिसे तुम रोज सींचते थे सुना है मैने, वो विशाल पेड़ हो चुका हैं अब उस पेड़ पर प्रेमी जोड़ी के नाम दर्ज होते है..! @ram_chourasia_
सर पर बोझ डुबोकर ख़्वाब फटे एड़ियां,घिसकर चप्पल लालन-पालन है ज़िन्दगी बुन कर, सहेज कर तारीफ एक गलती पर बदनाम होना है ज़िन्दगी थाम कर उंगली बांध कर कलाई विदा कर बिटिया आँसू बहाना है ज़िन्दगी इकट्ठा कर मेहनत को पोटली में बांध घर से धक्के खाना है ज़िन्दगी भटकते राहों में ठोकर खाकर बिना बेटे/बेटियों के हाथों अग्नि से प्यार होना है ज़िन्दगी । @tumharashahar
साल की आखिरी चाय हम उस वक्त मिले जब मुझे प्यार की ना तो जरूरत थी नहीं प्यार से नफरत लेकिन हमारी स्टोरी कुछ वैसी है कैजुअल फ्रेंड्स थे फिर क्लोज फ्रेंड्स हो गए बेस्ट फ्रेंड्स हो गए फिर लव स्टार्ट हो गया यह किस्सा साल की आखरी शाम का है हमारी दोस्ती को काफ़ी वक्त बीत चुका था साल की आखिरी शाम जो सर्द थी पर गुलाबी भी हम कोचिंग के बाहर खड़े थे, क्लास शुरू होने में पंद्रह मिनट बचे थे मेरे हाथ हमेशा की तरह ठंडे और बिल्कुल सुन्न थे । "चाय पियेगी... चलते चलते बस यूं ही पूछा उसने हां... मैंने फट से जवाब दिया जैसे कि मैं बस उसके पूछने के इंतजार में थी हम एक दूसरे के सामने बैठे हैं अदरक के साथ चाय की महक हवा में घुलने लगी "अरे जल्दी कर दो भैया" ... उसने मेरे हाथ अपनी गर्म हथेलियों में थामते हुए कहा । मुझे कोई जल्दी नहीं थी । बैकग्राउंड में बज रही गाने ने "सोनिए हीरिए तेरी याद औंदिए, सीने विच तड़पता है दिल जान जांदिए" उस शाम को और भी रूमानी बना दिया था । चाय आई... "जल्दी से पीले क्लास स्टार्ट ...
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