आज भी उस बंधन में बंधा हूँ माँ
मोह के बंधन में
जो तुमसे है
जो मेरे इश्क़ से है
टूटता भी हूँ उन यादों के बीच
जुड़ता भी हूँ तुम्हरे उम्मीदों के साथ
देखो न माँ
आज भी बंधा हूँ मैं उस बंधन में
मोह के बंधन में ।
मोह के बंधन में
जो तुमसे है
जो मेरे इश्क़ से है
टूटता भी हूँ उन यादों के बीच
जुड़ता भी हूँ तुम्हरे उम्मीदों के साथ
देखो न माँ
आज भी बंधा हूँ मैं उस बंधन में
मोह के बंधन में ।
Great work Chaurasiya jee🙏
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