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अकेलापन

तुम क्यूँ रहते हो इतना दर्द मे ?
 सिर्फ इसलिए न कि इश्क़ कर बैठते हो सबसे,
अल्फाज़ो से,
कविताओं से,
उसकी लिखी जज़्बातों से....
तो सुन लो तुम
अकेले आये थे अकेले ही जाओगे
वैसे भी तुम आज अकेले ही हो
आज पहली बार एहसास हो रहा
तुम्हरा( माँ और पापा),
पता नही जब तुम थी तो मैं बिखरने से नही डरता था, नही डरता था टूटने से
मगर आज फिर से टूट गया , बिखर गया
जानती हो, तुम्हारे होने से मुझे एक ऊर्जा मिलती थी
मगर अब मैं अब खुद की ही ऊर्जा में जलने लगा हुँ,
हो सके तो संभाल लो मुझे उस ताप में जलने से
तुम सुन रही हो न माँ.....😢😢😢


~~~मिन्टू

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