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बेवजह


 किसी का हाल पूछ लेना बेवजह

सुकून तो नही दे सकता लेकिन उसकी परेशानी बढ़ा सकता है

नज़र बन्द करके रखना ये शहर तुम्हें डूबा सकता है

कमरे के अंदर कैद है तो क्या हुआ

एक मुस्कान किसी की जान बना सकता है

न चाहते हुए भी हम आए तेरे शहर

शहर डूबा सकता है

पके है सब यहां ज़िन्दगी की कड़वी धूप में

हर कोई जला सकता है

नजदीकियां बढ़ाने से पहले भांप लेते है वो

समय आने पर दूरियां बना सकता है

नज़रबंद करके रखो खुद को

अजनबी बिना जाने हाल बता सकता है

किसी का हाल पूछ लेंना बेवजह

सुकून तो नहीं दे सकता लेकिन

उसकी परेशानी बढ़ा सकता है ।

@tumharashahar

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