वो नादान लड़कीं,
मासूम ,
भोली सी,
आज भी उसी पेड़ की छांव में करती है मेरा इंतजार,
आज भी वो उसी उम्मीद में जी रही है कि मेरा साजन आएगा,
मगर वक़्त को क्या भरोसा, उसकी आश को भी तोड जाएगा,
दिल की साफ,
मन की पवित्र
चंचल अदाकारा वाली लड़की,
अपना सबकुछ छोड़कर बस करती रही प्रकृति के साथ-साथ मेरा इंतजार,
उसे क्या पता था किस्मत उसकिंकया रंग लाएगी
मगर वो अडिग रही, तन से , मन से,
और करती रही मेरा इंतजार
उसी पेड़ की छांव में ।
~~~मिन्टू
मासूम ,
भोली सी,
आज भी उसी पेड़ की छांव में करती है मेरा इंतजार,
आज भी वो उसी उम्मीद में जी रही है कि मेरा साजन आएगा,
मगर वक़्त को क्या भरोसा, उसकी आश को भी तोड जाएगा,
दिल की साफ,
मन की पवित्र
चंचल अदाकारा वाली लड़की,
अपना सबकुछ छोड़कर बस करती रही प्रकृति के साथ-साथ मेरा इंतजार,
उसे क्या पता था किस्मत उसकिंकया रंग लाएगी
मगर वो अडिग रही, तन से , मन से,
और करती रही मेरा इंतजार
उसी पेड़ की छांव में ।
~~~मिन्टू

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