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नदी जैसी तुम

जब कोई नदी जैसा मिलता है न,
 मन करता  उसके साथ-साथ बहता जाऊ,
बहता जाऊं जहाँ-जहाँ वो बहती है,
टकराता जाऊ उन चट्टानों से
भी,
छूता जाऊ उस धरती को भी
बस
बहता जाऊ
 उसके संग-संग ।

~~मिन्टू
Pic- अमित शाह(fb)

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